गाइड
आपके गिटार की आवाज़ देर से क्यों आती है (और लेटेंसी कैसे ठीक करें)
क्या कंप्यूटर से बजाते समय गिटार की आवाज़ देर से आती है, जैसे हर नोट आपके बजाने के बाद पहुँच रहा हो? इस अंतर को लेटेंसी (देरी) कहते हैं। इसका ज़्यादातर हिस्सा कुछ ऐसी सेटिंग से आता है जिन्हें आप बदल सकते हैं। यहाँ बताया गया है कि लेटेंसी क्या है, आम तौर पर किन वजहों से होती है, और उसे क्रम से कैसे ठीक करें।
लेटेंसी क्या है
एम्प में लगाकर बजाएँ तो आवाज़ लगभग तुरंत निकलती है। कंप्यूटर से बजाने पर आवाज़ को एक चक्कर लगाना पड़ता है। ऑडियो इंटरफ़ेस आपके गिटार सिग्नल को डिजिटल ऑडियो में बदलता है, कंप्यूटर एम्प की आवाज़ तैयार करता है, और इंटरफ़ेस उसे वापस आवाज़ बनाकर आपके हेडफ़ोन तक पहुँचाता है। इस सब में जितना समय लगता है, वही लेटेंसी है।
लेटेंसी को पूरी तरह हटाया नहीं जा सकता, पर सही सेटिंग उसे काफ़ी घटा देती हैं। अंदाज़े के लिए: हवा में आवाज़ एक मिलीसेकंड में करीब 34 cm चलती है। एम्प से 3 m दूर खड़े होने पर ही आप उससे लगभग 9 ms पीछे होते हैं, इसलिए असली एम्प के साथ भी कुछ मिलीसेकंड की देरी सामान्य है।
आम कारण, सबसे संभावित पहले
ये सबसे संभावित से कम संभावित के लगभग क्रम में हैं। ऊपर से जाँचना शुरू करें।
- 1.
ब्लूटूथ या दूसरे वायरलेस हेडफ़ोन
वायरलेस कनेक्शन आवाज़ भेजने से पहले उसे अपने बफ़र में रोकता है, जिससे अक्सर साफ़ सुनाई देने वाली देरी आ जाती है। इसे कोई ऑडियो सेटिंग नहीं हटा सकती। बजाने के लिए ऑडियो इंटरफ़ेस में लगे तार वाले हेडफ़ोन या ईयरबड्स इस्तेमाल करें।
- 2.
इंटरफ़ेस के अपने ड्राइवर की जगह सामान्य ड्राइवर
ड्राइवर वह सॉफ़्टवेयर है जिससे कंप्यूटर किसी डिवाइस से बात करता है। Windows पर इंटरफ़ेस को सिस्टम के सामान्य ड्राइवर से चलाने पर अक्सर काफ़ी देरी आ जाती है। निर्माता की वेबसाइट से ऑडियो इंटरफ़ेस का अपना ड्राइवर इंस्टॉल करें और अपने ऐप की ड्राइवर सूची में उसे चुनें। इनपुट और आउटपुट के लिए अलग-अलग डिवाइस चुनना, जैसे इंटरफ़ेस इनपुट और लैपटॉप स्पीकर आउटपुट, भी देरी या आवाज़ टूटने की वजह बन सकता है।
- 3.
बहुत बड़ा बफ़र साइज़
बफ़र साइज़ वह मात्रा है जितना ऑडियो कंप्यूटर प्रोसेस करने से पहले जमा करता है। बड़ा बफ़र कंप्यूटर को ज़्यादा राहत देता है, पर आवाज़ देर से सुनाई देती है। बड़ा बफ़र रिकॉर्डिंग मिक्स करने के लिए ठीक है; छोटा बफ़र रियल-टाइम में बजाने के लिए।
- 4.
ऊपर से डायरेक्ट मॉनिटरिंग सुनाई देना
डायरेक्ट मॉनिटरिंग आपके गिटार को कंप्यूटर को छोड़कर सीधे इंटरफ़ेस से हेडफ़ोन में भेजती है। अगर यह चालू है और आप एम्प की आवाज़ भी सुन रहे हैं, तो सादा गिटार पहले पहुँचता है और एम्प की आवाज़ बाद में, इसलिए आवाज़ दोहरी या गूँजदार लगती है। एम्प सॉफ़्टवेयर से बजाते समय इसे बंद कर दें।
- 5.
भारी इफ़ेक्ट या ऊँचा सैंपल रेट
बहुत सारे इफ़ेक्ट, या 96 kHz या उससे ज़्यादा का सैंपल रेट (यानी एक सेकंड में आवाज़ कितनी बार मापी जाती है) कंप्यूटर पर ज़्यादा काम डालते हैं। तब छोटे बफ़र पर चटचट होने लगती है और आपको बफ़र बढ़ाना पड़ता है। कुछ इफ़ेक्ट प्रोसेस करते समय अपनी तरफ़ से भी थोड़ी देरी जोड़ते हैं। प्रैक्टिस के लिए 44.1 या 48 kHz काफ़ी है।
- 6.
लैपटॉप की पावर सेविंग
बैटरी पर या पावर-सेविंग मोड में लैपटॉप खुद को धीमा कर लेता है, इसलिए छोटे बफ़र पर आवाज़ टूटने लगती है और आपको बफ़र बढ़ाना पड़ता है। बजाते समय चार्जर लगाएँ और पावर मोड को परफ़ॉर्मेंस की ओर रखें।
- 7.
दूसरे ऐप चलते रहना
वीडियो चलाते ब्राउज़र टैब, वीडियो कॉल और फ़ाइल सिंकिंग, सब पीछे से कंप्यूटर को व्यस्त रखते हैं। बजाते समय जो ज़रूरी नहीं है उसे बंद कर दें।
लेटेंसी कैसे घटाएँ, कदम-दर-कदम
- 1
इंटरफ़ेस में तार वाले हेडफ़ोन लगाएँ
वायरलेस ईयरबड्स हटा दें और तार वाले हेडफ़ोन ऑडियो इंटरफ़ेस के हेडफ़ोन जैक में लगाएँ। 3.5 mm प्लग के लिए 1/4-इंच का एडाप्टर चाहिए।
- 2
ड्राइवर और डिवाइस जाँचें
अपने एम्प ऐप या DAW (रिकॉर्डिंग सॉफ़्टवेयर) की ऑडियो सेटिंग में इनपुट और आउटपुट, दोनों ऑडियो इंटरफ़ेस पर सेट करें। Windows पर ड्राइवर भी ऑडियो इंटरफ़ेस के अपने ड्राइवर पर बदल दें।
- 3
सैंपल रेट 44.1 या 48 kHz रखें
ऊँचा सैंपल रेट अपने आप में शायद ही कभी लेटेंसी ठीक करता है। हर बफ़र समय में छोटा हो जाता है, पर कंप्यूटर के पास काम ज़्यादा होता है, इसलिए अक्सर बड़ा बफ़र चाहिए पड़ता है। 44.1 या 48 kHz सुरक्षित चुनाव है।
- 4
बफ़र साइज़ एक-एक पायदान घटाएँ
256 से 128 पर जाएँ, फिर 128 से 64 पर, और हर बदलाव के बाद करीब एक मिनट बजाएँ। चटचट या आवाज़ टूटने का मतलब है कि कंप्यूटर साथ नहीं दे पा रहा। ऐसा हो तो एक पायदान वापस ऊपर जाएँ और वही सबसे छोटा साइज़ रखें जो साफ़ चलता रहे।
- 5
डायरेक्ट मॉनिटरिंग बंद करें
अगर आपके इंटरफ़ेस में डायरेक्ट मॉनिटर बटन है, तो उसे बंद कर दें। अगर उसकी जगह मिक्स नॉब है, तो उसे प्लेबैक (कंप्यूटर) की ओर घुमा दें। सादे गिटार और एम्प की आवाज़ की दोहरी, गूँजदार आवाज़ चली जाएगी।
- 6
कंप्यूटर को थोड़ी गुंजाइश दें
लैपटॉप को चार्जर से जोड़ें और पावर सेविंग बंद करें। इस्तेमाल न हो रहे ऐप और ब्राउज़र टैब बंद करें, और जो इफ़ेक्ट काम में नहीं हैं उन्हें हटा दें। इंटरफ़ेस को USB हब के बजाय सीधे कंप्यूटर से जोड़ें। इन सबसे छोटा बफ़र बिना चटचट के चल पाता है।
बफ़र साइज़ और लेटेंसी, आँकड़ों में
बफ़र साइज़ सैंपल में गिना जाता है, यानी वे छोटे टुकड़े जिनमें डिजिटल ऑडियो कटा होता है। एक बफ़र का समय निकालने के लिए बफ़र साइज़ को सैंपल रेट से भाग दें। 48 kHz पर 128 सैंपल का मतलब है 128 ÷ 48,000 ≈ 2.7 ms।
| बफ़र साइज़ (सैंपल) | 44.1 kHz | 48 kHz |
|---|---|---|
| 64 | 1.5 ms | 1.3 ms |
| 128 | 2.9 ms | 2.7 ms |
| 256 | 5.8 ms | 5.3 ms |
| 512 | 11.6 ms | 10.7 ms |
तालिका एक बफ़र दिखाती है। आप जो सुनते हैं वह इससे लंबा होता है: आवाज़ एक इनपुट बफ़र और एक आउटपुट बफ़र से गुज़रती है, साथ में इंटरफ़ेस को उसे डिजिटल में और वापस बदलने में जो समय लगता है। इसलिए असली आना-जाना आम तौर पर तालिका के आँकड़े के दोगुने से ज़्यादा होता है। अगर आपका ऐप लेटेंसी का आँकड़ा दिखाता है, तो उसी को आधार मानें।
छोटा बफ़र यानी कम देरी, पर कंप्यूटर को हर टुकड़ा जल्दी निपटाना पड़ता है। जब वह नहीं कर पाता, तो चटचट या आवाज़ टूटना सुनाई देता है। ऐसा हो तो एक पायदान वापस ऊपर जाएँ। कुछ मिलीसेकंड देर से आती साफ़ आवाज़ पर प्रैक्टिस करना, चटचट करती आवाज़ से बेहतर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मेरे गिटार की आवाज़ एक सेकंड या उससे ज़्यादा देर से क्यों आती है?
- इतनी लंबी देरी अकेले बफ़र साइज़ से शायद ही होती है। बड़े बफ़र में भी देरी दसियों मिलीसेकंड होती है, पूरे सेकंड नहीं। इसके बजाय आवाज़ का रास्ता जाँचें: वायरलेस हेडफ़ोन, ऑडियो इंटरफ़ेस के अलावा कोई और आउटपुट डिवाइस, Windows पर सामान्य ड्राइवर, या आपका गिटार किसी दूसरे ऐप, जैसे कॉल या स्ट्रीमिंग प्रोग्राम, के ज़रिए सुनाई देना।
- मुझे कौन-सा बफ़र साइज़ रखना चाहिए?
- 128 सैंपल से शुरू करें। अगर एक मिनट बजाने पर भी साफ़ रहे, तो 64 आज़माएँ; चटचट हो तो 256 पर जाएँ। सही संख्या कंप्यूटर पर निर्भर करती है, इसलिए आपके लिए वही सबसे छोटा साइज़ सही है जो साफ़ चलता रहे।
- क्या मैं ब्लूटूथ ईयरबड्स से बजा सकता हूँ?
- गाने सुनने के लिए वे ठीक हैं, पर बजाने के लिए नहीं। वायरलेस कनेक्शन की देरी बफ़र कितना भी घटा दें, बनी रहती है, इसलिए आवाज़ आपके बजाने से पीछे चलती है। इंटरफ़ेस में लगे तार वाले हेडफ़ोन या ईयरबड्स इस्तेमाल करें।
- क्या डायरेक्ट मॉनिटरिंग देरी खत्म नहीं कर देती?
- डायरेक्ट मॉनिटर की आवाज़ कंप्यूटर को छोड़कर जाती है, इसलिए लगभग तुरंत सुनाई देती है। पर वह आपका सादा गिटार है, उस पर न एम्प है न इफ़ेक्ट। एम्प की आवाज़ के साथ प्रैक्टिस करने के लिए डायरेक्ट मॉनिटरिंग बंद करें और ऊपर बताए तरीके से ड्राइवर और बफ़र सेट करें। दोनों चालू हों तो दोनों आवाज़ें एक-दूसरे पर चढ़ जाती हैं और गूँजदार लगती हैं।
EG Tone में इसे सेट करना
ये कदम किसी भी एम्प सॉफ़्टवेयर में एक जैसे काम करते हैं। EG Tone एक विकल्प है: शुरुआती लोगों के लिए बना इलेक्ट्रिक गिटार एम्प और इफ़ेक्ट प्लगइन।
- स्टैंडअलोन ऐप में बिल्ट-इन ऑडियो सेटिंग पैनल से आप डिवाइस, इनपुट और आउटपुट, सैंपल रेट और बफ़र साइज़ चुन सकते हैं, और वह लेटेंसी का आँकड़ा भी दिखाता है।
- सुझाया गया सैंपल रेट 44.1 या 48 kHz है।
- हर नॉब और बटन के साथ मदद का टेक्स्ट है। किसी पर कर्सर ले जाएँ और देखें कि वह क्या करता है।
- ट्यूनर और मेट्रोनोम उसी प्रोग्राम में बने हैं।
- यह macOS और Windows पर VST3 प्लगइन और स्टैंडअलोन ऐप के रूप में चलता है, और macOS पर AU प्लगइन के रूप में भी।
EG Tone एक बार की खरीद है, सब्सक्रिप्शन नहीं।
EG Tone देखेंपहली बार गिटार जोड़ रहे हैं? सेटअप गाइड से शुरू करें। ट्यूनिंग और टाइमिंग की प्रैक्टिस के लिए इस साइट का ट्यूनर और मेट्रोनोम मुफ़्त है, साइन-अप की ज़रूरत नहीं।